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अयोध्या !राम लला का जन्मस्थान जानिए कैसा है?

अयोध्या !राम लला का जन्मस्थान

अयोध्या !राम लला का जन्मस्थान

अयोध्या भगवान राम का जन्म स्थान है !

वह बिभिन धर्म ग्रंथो जिनमें बोध धर्म ग्रन्थ भी शामिल है

उसमें अनेक अलग अलग नामो में विख्यात है!

जैसे रामपुरी, चिन्मय , साकेत , साची और सोगेधा अयोध्या के हर गर में राम का मंदिर है !

इस नगर में 63 से अधिक वैष्णव , 33 शिव और 11 जैन मंदिर है

साथ ही 30 मस्जिदे है और कुछ सूफी दरगाहे भी है !

जो हमारी संस्कृतक परम्परा वह विरासत की जीती जागती मिसाल है !

सरयू नदी के किनारे में अनेक घाट है उनका नाम राम भाग के चरित्रों पर रखा गया है !

सरयू नदी

मान्यता के अनुसार

सरयू नदी को पार करने के लिए जब भगवान राम माता सीता और लक्ष्मण सहित सरयू नदी के तट पर पहुंचे

तो उनको वहां केवट मिला केवट ने अपनी नाओ में तीनो को बिठाया

और सरयू नदी पार करवाई तो इस तरह भगवान राम ने केवट को दर्शन दिए !

और केवट भगवान राम को आगे जाने का परिचय दिया !

गुप्तार घाट को सबसे पवित्र माना जाता है इसकी अपनी अलग ही विशेषता है !

गुप्तार घाट

यह वह घाट है जहा भगवान श्री राम ने जलसमाधि ली थी !

इसकेलिए मुक्ति पाने की चाह को लेकर भक्तजन इस स्थान पर आते है !

19 वी सदी में राजा दर्शन सिंह ने गुप्तार घाट का निर्माण करवाया था !

इस घाट पर राम जानकी मंदिर पुराणे चरण पादुका मंदिर,

नरसिंघ मंदिर और हनुमान मंदिर लोगो की आस्था का केंद्र है

इस नदी के किनारे हर शाम सरयू  नदी की आरती का आयोजन 1008 दीपो के साथ किया जाता है

जिसमें पूरा वातावरण सांसारिक से आद्यात्मिक हो जाता है !

यहाँ अनेक कुंड है और उनका नाम भी रामभाग के बिभिन चरित्रों के नाम पर रखा गया है !

लक्ष्मण घाट के ठीक सामने नागेश्वर नाथ मंदिर है

यह शिव मंदिर है कहा जाता है के इस मंदिर का निर्माण राम के पुत्र राजा कुश ने करवाया था !

लेकिन वर्तमान मंदिर का नवनिर्माण नवल राय ने करवाया था!

जो की 18 वी शताब्दी में अयोध्या के नाईब सूवेदार थे !

नागेश्वर मंदिर के बराबर में ही काली राम मंदिर है !

इसमें एक काले पत्थर से ही राम उनकी पत्नी और भाईओ की मूर्ति को तराशा गया है !

पास में ही श्री त्रेता राम मंदिर है

इस मंदिर के कपाट सिर्फ एकादशी में ही तीर्थ यात्रिओ के लिए ही खोले जाते है!

छोटी देवकाली मंदिर में काली देवी की मूर्ति है !

जिसके बारे में मान्यता यह है के इसे सीता जी जनकपुर से अपने साथ लेकर आयी थी !

और जीवन भर वह इसी मूर्ति की पूजा करती रही !

अयोध्या फैजाबाद हाईवे पर जो बड़ा देवकाली मंदिर है

इसके बारे में कहा जाता है के राम वहां अपने परिवार के कुल देवता की पूजा किया करते थे!

बाल्मीकि मंदिर के प्रागण में राम बैंक स्थित है

राम बैंक में धार्मिक हिन्दू राम नाम खाते में राम नाम जमा करते है

जो की एक कागज है जिसपर सीता राम लिखा होता है !

राम नाम खाते का प्रबंध्न मंदिर समिति करती है !

खातों को बहुत ईमानदारी से रखा जाता है और भक्त जनो को सभीकृति स्लिप दी जाती है!

इस बैंक की शाखाये भारत के अन्य क्षेत्रों के साथ विदेशो में भी है !

भगवान राम का स्मरण करने का एक सूत्र तरीका कागज पर रामनाम लिखने का है !

बहुत से लोग अपने खाली समय में कागज पर रामनाम जा सीता राम लिखते रहते है !

लोग अपने रामनाम कागज अपने स्थानीय बैंक में जमा करवाते है !

जहा से हर 5 साल बाद पूरा संग्रह अयोध्या के बैंक में भेज दिया जाता है !

इस बैंक में खाता खोलने की कोई विशेष उपचारिकता नहीं है!

बस बैंक से मिली मुफ्त बुकलेट पर रामनाम लिखये और खाता खुल गया !

कनक भवन को रानी ककई ने अपनी पुत्रबदु सीता को उपहार में दिया था !

सावन के महीने में राम वे सीता की मुर्तिया

एक शोभा यात्रा के रूप में कनक भवन से मणि पर्वत ले जाई जाती है !

जहाँ इन्हे सावन झूले उत्सव के लिए एक झूले पर स्थापित कर दिया जाता है !

मणि पर्वत का नाम इसलिए है,

क्युकी राजा जनक ने जो मोतियों और जेवरों का भंडार

अपनी बेटी को दिया था उसे जाहि दबाया गया है !

हनुमान गड़ी जैसा राम से स्पस्ट है , हनुमान जी को समर्पित है !

कहा जाता है की यह यही से राम जन्म भूमि पर निगरानी रखते है!

इस किलानुमा मंदिर में एक सर्व धर्म सतियार मंदिर है,

जिसमें राम बुध वह महावीर की मुर्तिओ के साथ मक्का मदीना की तस्वीरें भी है !

जो भारत के सर्वधर्म सम्वाव की वेहतरीन मिसाल है !

अयोध्या में वहुत से मंदिर और घाट अछि स्तिधि में नहीं है !

भगवान राम का जन्म

जब जब धर्म की हानि अथवा दुष्टो की बृद्धि होने लगती है

तब तब कोई न कोई ताकत आकर उसकी रक्षा करती है!

ऐसे ही जब धरती पर राक्षशो की वृदि होने लगी

तब विष्णु अवतार भगवान राम का जन्म राजा दशरथ के घर हुआ !

राजा दशरथ की तीन रानियां थी जिनका नाम कौशल्या , कैकयी , सुमित्रा था !

भगवान राम जी की माता का नाम कौशल्या था !

राम जी के तीन भाई थे जिनका नाम भरत , लक्ष्मण और शत्रुगण था !

वह बचपन से ही बड़े शांत स्वभाव के थे उन्होंने अपनी विद्या महर्षि विश्वामित्र से प्रदान की थी !

भगवान राम भजन वीडियो

Conclusion:

हमने इस राम लला के जन्म स्थान अयोध्या के बारे में चर्चा की है!

जहाँ पर श्री राम जी का जन्म हुआ था जहाँ पर कई हिन्दू मंदिर और दरगाहे है !

और सरयू नदी की कहानी की कैसे केवट ने भगवान राम को नदी पार करवाई !

और राम बैंक की विशेषताएं और भगवन राम का जन्म के बारे में लिखा है !

 

 

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